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November 5, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

सरायकेला : मौसी बाड़ी से जयकारों के बीच महाप्रभु जगन्नाथ , भाई बलराम व बहन सुभद्रा की हुई घर वापसी

सरायकेला में पारंपरिक सांस्कृतिक व रीति रिवाज के अनुसार बाउड़ा रथ यात्रा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रसिद्ध रथ यात्रा 8 दिनों तक मौसी बाड़ी में विश्राम करने के बाद 9 वें दिन महाप्रभु जगन्नाथ , भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा गुंड़िचा मंदिर से विधि विधान के साथ विदाई दी गई।

जिसके बाद भक्तों द्वारा तीनों देवी देवताओं के विग्रह को कंधे पर उठाकर मौसी बाड़ी के मुख्य दरवाजे पर खड़े रथ पर लाया गया। वहां राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने रथ यात्रा छेरा पोहारा का रस्म आदा किया। रथ के निकट बलराम इसके बाद प्रभु जगन्नाथ व अंत में बहन सुभद्रा को बैठाया गया। पंडितों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना के बाद रथ को रवाना किया गया। ढोल , नगाड़े , करताल व घंटे की ध्वनि से गुंजायमान हो गई।

स्थानीय एवं दूर दराज से लाखों श्रद्धालु प्रभु श्री जगन्नाथ की दर्शन करने पहुंचे। रथ के ऊपर पुजारियों द्वारा लुटाए जा रहे महाप्रभु पर चढ़ा प्रसाद पूरे जोश के साथ श्रद्धालु लपकते रहे। तीन सौ मीटर की रथ यात्रा कर महाप्रभु श्री जगन्नाथ कालूराम चौक पहुंचे। वहां रात्रि विश्राम के लिए बड़दान्ड पर रुके। रात में भजन संकीर्तन का आयोजन होगा। रथ यात्रा सफल बनाने के लिए जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष – श्री मनोज चौधरी , उपाध्यक्ष – श्री गोविंद साहू , सचिव – श्री छोटेलाल साहू तथा सांस्कृतिक सचिव- रुपेश कुमार साहू ,थाना चौक यंग कल्ब के सदस्यगण , सरायकेला वासियों का सहरनीय योगदान रहा एवं उमड़ती भीड़ पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। सरायकेला थाना प्रभारी हीरालाल कुमार सशस्त्र बल , महिला पुलिस बल निगरानी रखे हुए थे।

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