गढ़वा में छापेमारी से खुली पोल, एक्सपायरी कोल्डड्रिंक से लेकर बिना लाइसेंस तक खुलासा

गढ़वा: जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गढ़वा शहर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में औचक छापेमारी की गई, जिससे दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी और अवैध रूप से संचालन के कई गंभीर मामले सामने आए हैं।
भारी मात्रा में एक्सपायर्ड शीतल पेय जब्त
जांच टीम ने जब गोदामों और दुकानों की तलाशी ली, तो बड़ी संख्या में ऐसी कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें मिलीं जिनकी एक्सपायरी डेट काफी समय पहले निकल चुकी थी। प्रशासन के अनुसार, ये एक्सपायर्ड ड्रिंक्स आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते थे। अधिकारियों ने तुरंत इन बोतलों को जब्त कर लिया और उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिना लाइसेंस के चल रही थीं कई दुकानें

छापेमारी के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि क्षेत्र की कई नामचीन दुकानें और प्रतिष्ठान बिना वैध फूड लाइसेंस (FSSAI) के ही संचालित हो रहे थे। कई दुकानदारों के पास व्यापार करने के लिए आवश्यक कागजात नहीं थे। विभाग ने इन दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री कानूनन अपराध है।
सैंपलिंग और लैब जांच के निर्देश
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने मौके पर मौजूद कई अन्य खाद्य वस्तुओं के नमूने (Samples) भी लिए। इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है ताकि उनकी गुणवत्ता की पुष्टि हो सके। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनकी दुकानों को सील भी किया जा सकता है।
जनता से अपील और भविष्य की कार्रवाई
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कोई भी सामान खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। साथ ही, दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि वे केवल गुणवत्तापूर्ण सामान ही बेचें और नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह की आकस्मिक जांच और छापेमारी जारी रहेगी।
