झारखंड के लोगों को अब हिंदी और क्षेत्रीय भाषा में मिलेगा बिजली का बिल

झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य में बिजली के बिल केवल अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि हिंदी और स्थानीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को इस नए नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

JSERC का नया नियम और कंपनियों पर सख्ती
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने राज्य की तमाम बिजली वितरण कंपनियों को ‘इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड संशोधन रेगुलेशन 2024’ का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) समेत अन्य कंपनियों पर आयोग की यह सख्ती इसलिए बरती गई है, क्योंकि वे पिछले छह महीनों से इस रेगुलेशन की अनदेखी कर रही थीं। आयोग ने साफ कर दिया है कि अगले महीने (नवंबर) में दाखिल होने वाली वार्षिक टैरिफ याचिका में कंपनियों को लिखित रूप से यह बताना होगा कि उन्होंने इस नए नियम को कितना लागू किया है।

अब अंग्रेजी ही नहीं, स्थानीय और हिंदी भाषा में मिलेगा बिजली बिल
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना (जो अप्रैल 2024 से प्रभावी है) का सबसे खास प्रावधान आम उपभोक्ताओं की भाषा से जुड़ा है। इसके तहत अब बिजली वितरण कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अंग्रेजी के अलावा हिंदी और स्थानीय भाषाओं में भी बिजली बिल जारी करें। साथ ही, बिल का फॉन्ट, प्रारूप और भाषा ऐसी होनी चाहिए जिसे एक आम आदमी या ग्रामीण उपभोक्ता भी आसानी से समझ सके। हालांकि, इस नियम के आने के बावजूद कंपनियां अब तक स्थानीय या हिंदी भाषा में बिल जनरेट करने में असफल रही हैं, जिस पर आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई है।
150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन की प्रक्रिया हुई आसान
नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं और छोटे-बड़े व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए आयोग ने 150 किलोवाट (KW) तक के कनेक्शन शुल्क तय करने के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब विद्युतीकृत क्षेत्रों के भीतर शुल्क का निर्धारण कनेक्शन के लोड, उसकी श्रेणी और लाइसेंसी की औसत लागत के आधार पर किया जाएगा। इस नए बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हर नए आवेदन पर अलग से साइट विजिट (स्थल निरीक्षण) और लंबी मांग गणना की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब उपभोक्ता आवेदन के वक्त ही तय मांग शुल्क जमा कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्रवाई में लगने वाले समय की भारी बचत होगी।
तय समय-सीमा के भीतर जारी करना होगा नया कनेक्शन
आयोग ने नए बिजली कनेक्शन देने और मौजूदा कनेक्शनों में संशोधन (जैसे लोड बढ़ाना, घटाना या नाम में बदलाव करना आदि) करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय कर दी है। आवेदन पत्र मिलने के बाद बिजली वितरण कंपनी को तय दिनों के भीतर ही उस कार्य को पूरा करना होगा। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग समयावधि निर्धारित की गई है। साथ ही, दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष छूट और प्रावधान भी दिए गए हैं।

