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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

खरसावां में चल रहे संगीतमय राम कथा के चौथे दिन भगवान राम की अलग अलग लीलाओं की व्याखान…..

खरसावां के बेहरा साही सामुदायिक भवन में चल रहे संगीतमय राम कथा के चौथे दिन भगवान राम की अलग अलग लीलाओं का व्याखान किया गया। श्री धाम वृंदावन से आये कथा वाचक संत रजत रस राज महाराज ने भगवान श्री राम द्वारा धनुष भंग, परशुराम, लक्ष्मण संवाद एवं श्री राम विवाह राम वन गमन एवं केवट प्रसग वर्णन से श्रोताओं की भाव विभीर कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु ने मनुष्य के रूप में जन्म लेकर मयिदा स्थापित की ओर पुरुषीतम कहलाए।

श्री राम के गुणधर्म साहस ओर परहित की भावना सदा अनुकरणीय है उन्होंने कहा कि राम और भरत ने संपत्ति का बटवारा नहीं किया बल्कि विपत्ति का बंटवारा किया राजा दशरथ ने के क ई को वचन तो दे दिया पर उसके बाद वे की नि शब्द होकर रह गए। रघुकुल की मयिदा के लिए उन्होंने अपने प्रिय पुत्र का वियीग स्वीकार कर लिया श्री राम ने पिता के वचन का मान व कुल की मयिदा रखने के लिए इसे सहषे स्वीकार कर लिया। और वन की प्रस्थान किया इस दौरान रघुकुल रीत सदा चली आयी, प्राण जाये पर वचन न जाई। वन गमन के दौरान रास्ते में केवट ने श्रद्धा भाव से भगवान श्री राम के पैर धीये थे।

साथ ही उन्होंने गंगा पार कराया। बदली में केवट ने उनसे भवसागर पार कराने का वरदान मांग लिया भगवान ने चरण धोकर केवट का पीढ़ियों तर इस दोरान राम नाम पर आधारित संगीत मैं समा बाध लिया। राम भक्तों ने भगवान राम की जयकारे भी लगाये।

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