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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

किरीबुरु : संयुक्त मोर्चा सेल प्रबंधन की स्थानाीयता व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ करेगा संघर्ष

किरीबुरु खदान के संयुक्त यूनियन की बैठक सामुदायिक भवन किरीबुरु में स्थानीय मुद्दों को लेकर हुई। बैठक में सरकारी आदेश का उल्लंघन तथा स्थानीयता का अवहेलना कर खदान में नियुक्ति लेने जैसे सेल प्रबंधन की कार्य कलाप की निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कहा गया कि स्थानीय बेरोजगार रोजगार के लिए दर दर भटक रहे है। कुछ बतौर ठेका श्रमिकों की तरह खदान में कार्यरत है। उत्पादन में अपना सब कुछ न्यौछावर किए हुए हैं, पर जब बहाली होती है तो उसमें इन्हे अनदेखी किया जाता है। जल-जंगल-जमीन जिनकी है उन्हें लोक जन सुनवाई में रोजगार देने का वादा किया जाता है, पर जब रोजगार देने की बारी आती है तो उन्हें धोखा देकर बाहरी लोगों को नियुक्ति दिया जाता है। 2010 तक की बहाली में स्थानियता का बढा़वा दिया गया। इसके बाद जितनी भी बहाली लिया गया, स्थानियता को अवहेलना किया गया। जबकि झारखंड सरकार ने 75 फीसदी स्थानियता का प्रावधान रखा है। उसे भी उल्लंघन कर नियुक्ति में बाहरी लोगों को प्रभुत्व दिया जा रहा है। सेलकर्मियों को मेडिकल इन्वैलिडेशन से अपने आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान है, उसे भी पुरा नहीं कर रही है। कर्मचारी कार्य करने में असमर्थ हैं, उनके पुत्र पुत्री को काम देना छोड़ नियुक्ति मे बाहरी लोगों की बहाली पर सेल प्रबंधन जोर दे रहा है। अर्थात जिनकी जमीन उन्हें ही बेदखल करने का षडयंत्र रच रहा है। इसका संयुक्त मोर्चा पुर जोर विरोध करता है।

बैठक में स्थानीय समस्या बेरोज़गारी, अस्पताल में चिकिस्त्कों की कमी, दासा भुगतान में कटौती, एमआई से नियुक्ति, स्थानीय यूनियन का अवहेलना आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। एमआई और अन्य मुद्दों पर अगर सेल प्रबंधन सकारात्मक रवैया नही उठाता है तो संयुक्त मोर्चा कड़े कदम उठाने को बाध्य होगा। गुआ खदान में हो रही आंदोलन को समर्थन देते हुए सेल प्रबंधन किरीबुरु को यह चेतावनी देने का निर्णय लिया गया की गुआ खदान में ज्वाइनिंग करने आये 18 बाहरी लोग जिनको गुआ के लोग भारी विरोध कर होने नहीं दिया है, अगर किरीबुरु खदान में उन्हें ज्वाइनिंग देने का प्रयास किया जाता है तो संयुक्त यूनियन पूरे खदान को ठप करने को बाध्य होगा।

पहले स्थानीय व ठेका श्रमिकों को नौकरी में प्राथमिकता दिया जाए अन्यथा आंदोलन को झेलने को तैयार रहें. इस बैठक में एटक, इंटक, सीटू, बीएमएस, जेएमएमयू, झारखण्ड मजदूर संघर्ष संघ समेत अन्य यूनियन के लोगों के मजदूर नेता जिसमें सहज़ादा अहमद, राजेंद्र सिंधिया, जगमोहन सामद, कामदेव मिश्रा, मुकेश ठाकुर, प्रमोद महंता, महेश्वर पान, सजीव सिंह, संजीत कुमार, युधिष्ठिर पोसायत, गौतम कुमार, सुनिल कुमार पासवान आदि अनेक मौजूद थे।

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