NIMDIH : नम्बर प्लेट खोलकर नीमडीह में दौड़ा रही है अवैध बालू लदा ट्रैक्टर, प्रशासन मौन, एक को कुचला, स्थिति गंभीर…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
SERAIKELLA : उधर राज्य सरकार जहाँ अवैध खनन पर रोकथाम लगाने हेतु आदेश जारी के साथ साथ कई सख्ती निर्देश जारी किया और इधर विभाग और स्थानीय प्रशासन कुम्भकर्ण निद्रा में रहकर बालू माफियाओं के लिए खुला छूट दे रखी है।
अवैध बालू खनन, ढुलाई और भण्डारण के लिए विभाग द्वारा टास्क फोर्स गठन किया साथ ही कई चिह्नित स्थलों पर यातायात मार्ग में बैटिकेट भी लगाया गया है। लेकिन यह सिर्फ दिखावा और सुनने भर के लिए ही रह गया, इसलिए कि धरातल में इसके विपरीत देखने को मिल रहा है।
दिन रात निर्वाध गति से अवैध बालू की ढुलाई हो रही है। इससे तो यही स्पष्ट हो रही है कि क्षेत्र में प्रशासन ही बालू माफियाओं के इशारे में चलने लगी है। ऐसे ही रविवार की दोपहर करीब एक बजे अवैध बालू लदा एक ट्रैक्टर नीमडीह थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को कुचलकर वाहन लेकर भागने की प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों की सक्रियता से चालक भागने में असफल रही।

वहीं बताया गया कि यह घटना नीमडीह थाना क्षेत्र की ओड़िया गाँव की है एवं ओड़िया गाँव के ही विरिंचि महतो को अवैध बालू लदे एक ट्रैक्टर ने कुचल दिया तथा उसके ऊपर ट्रॉली की एक तरफ का पहिया भी पार हो गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तथा घायल व्यक्ति मर गया सोचकर ट्रैक्टर से ट्रॉली खोलकर इंजन को तेज रफ्तार से भगाने की प्रयास तो किया लेकिन ग्रामीणों की सजगता से चालक नाकाम रहा और पीछा करते हुए ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना को अंजाम देनेवाला ट्रैक्टर तिरुलडीह थाना क्षेत्र की बाकारकुड़ी गाँव के है। जिसमे नम्बर प्लेट नहीं है। घटना के तत्पश्चात आनन फानन में घायल व्यक्ति को बेहतर ईलाज के लिए टीएमएच में ले जाकर भर्ती कराया, जहाँ चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर बताया।
इधर ग्रामीणों के माने तो सिर्फ यही नहीं क्षेत्र में अब तक कई भयंकर सड़क दुर्घटना के लोग शिकार हुए जिसमे से सड़क पर दौड़ती अधिकतर तेज़ रफ़्तार से अवैध बालू लदा ट्रैक्टर की वजह बताया। विशेष कर स्थानीय प्रशासन को इस मामले में अधिक गम्भीरता लेनी चाहिए और अवैध रूप से बालू ढुलाई पर रोक लगाकर यथा शीघ्र अवैध बालू कारोबारियों पर नकेल कसने की तैयारी कर लेनी चाहिए अन्यथा अवैध बालू ढुलाई करता कोई वाहनों के चलते कभी और बड़ी सड़क हादसा होने की आशंका है।
जिससे अगर किसी ग्रामीणों की क्षति हुई तो ग्रामीणों का कहना है कि निश्चित तौर पर ग्रामीण स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध उग्र आंदोलन पर उतारू होने को वाध्य हो जाएंगे ।
