Categories

November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

SERAIKELLA : चाण्डिल में एसएम स्टील्स एंड पावर लि0 को जमीन मुहैया कराने पर आमसभा में बनी सहमति…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)

SERAIKELLA : सरायकेला खरसवाँ जिले की चाण्डिल प्रखण्ड क्षेत्र की काटिया गाँव में शनिवार को मुखिया सुबोधनी देवी की अध्यक्षता में आमसभा आयोजित की गई। जहाँ   एसएम स्टील्स एंड पावर लि0 संस्थान की स्थापना के लिए जमीन मुहैया कराने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। गहन मंथन के बाद कंपनी को जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ग्रामीणों में सहमति बनी। वहीं रैयतों एवं कंपनी प्रबंधन के बीच प्रति एकड़ 15 लाख रुपये एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी।

ग्रामीणों ने कंपनी के महाप्रबंधक के सामने अपनी बातों को रखा। इधर महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान कंपनी करेगी। इस अवसर पर आमसभा में महाप्रबंधक राजीव मुखर्जी, सूरज सिंह, दरदा ग्राम प्रधान वरुण लायक, उप मुखिया करमु सिंह सरदार, पंसस पार्वती देवी, पूर्व मुखिया ज्योति लाल महाली, मोहन गौड़, शिव चरण सिंह सरदार, शत्रुघन सिंह सरदार, लक्ष्मीपद कुम्भकार, तारापद गोराई, शिशिर गौड़, मनोरंजन सिंह सरदार, अश्वनी उरांव, तुलसी सिंह सरदार, काला मांझी, घासीराम सिंह सरदार, विभिषण सिंह सरदार, शत्रुघन मुर्मू, रंगलाल सिंह सरदार, रवींद्र सिंह सरदार, हरेकृष्णा गोराई समेत बड़ी संख्या में रैयत एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

बताते चलें कि वर्षों पहले टाटा पावर संस्थान द्वारा पावर प्लांट बसाने के नाम पर तिरुलडीह थाना क्षेत्र की रैयतदारों से काफी मात्रा में जमीन खरीदा गया पर आज तक प्लांट का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।

ऐसे ही चाण्डिल प्रखण्ड अंतर्गत चौका थाना की चौका-कांड्रा मुख्य मार्ग के पालगम में स्थापित डिवाइन पावर प्लांट भी वर्षों से बंद पड़ी है, जहाँ के जमीनदाताओं में आज बेरोजगार की स्थिति उत्पन्न हो गई है तथा वेलोग स्वयं को ठग का शिकार हुआ समझ रहे हैं।

वहीं नीमडीह थाना क्षेत्र की आदारडीह एवं रघुनाथपुर में रैयतदारों से करीब सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदा पर आज तक संस्थान का कार्य प्रारंभ हुआ भी नहीं कि फिर से चाण्डिल प्रखण्ड क्षेत्र की काटिया गाँव मे पावर प्लांट बसाने के नाम पर मे0 एसएम स्टील पावर लि0 द्वारा ग्रामीण रैयतदारों से भारी मात्रा में जमीन लिया जा रहा है। यह विचार वाकई स्वागतयोग्य है कि क्षेत्र के हजारों लोगों को इन संस्थानों से रोजगार मिलेगा जिससे क्षेत्र की परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होंगे।

जिसके लिए राज्य सरकार को इसपर गंभीरता लेना होगा और उद्यमियों पर विशेष निगरानी रखा जाना चाहिए ताकि क्षेत्र में कोई भी संस्थान मनमानी न कर सकें। देखना अब यह है कि भविष्य में क्षेत्र में बसे ऐसे कितने संस्थान होंगे जो सीधे साधे ग्रामीण रैयतदारों से किये गए वादे पर खरा उतरेंगे।

About Author