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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

किसी भी लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद का उत्तर गोली और हिंसा नहीं हो सकता : अर्जुन मुंडा

बढ़ती हिंसा पर जताई गहरी चिंता पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने झारखंड में बढ़ती राजनीतिक हिंसा की घटनाओं पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है, लेकिन राज्य में जिस तरह से राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, वह बेहद निंदनीय है। मुंडा ने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान व्यवस्था कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल साबित हो रही है।

कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराधी बेखौफ हो गए हैं और उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब राजनीतिक लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? उन्होंने मांग की कि पुलिस को बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करना चाहिए और हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

लोकतंत्र के लिए खतरा है ऐसी घटनाएं मुंडा के अनुसार, वैचारिक मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद का सहारा लिया जाना चाहिए, न कि हथियारों या हिंसा का। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास होगा। उन्होंने शांति और भाईचारे की अपील करते हुए कहा कि विकास के लिए भयमुक्त वातावरण होना अनिवार्य है।

सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री और गृह विभाग से आग्रह किया कि वे राज्य की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि केवल बयानों से काम नहीं चलेगा, जमीन पर ठोस कार्रवाई दिखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यकर्ता ऐसी हिंसा से डरने वाले नहीं हैं और वे जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे, लेकिन सरकार को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

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