सरायकेला-खरसावां: हो भाषा की दो फिल्मों के लिए हुआ कलाकारों का ऑडिशन

सरायकेला-खरसावां: ‘हो’ भाषा की दो बड़ी फिल्मों के लिए कलाकारों का ऑडिशन संपन्न
सरायकेला-खरसावां जिले में क्षेत्रीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हो’ भाषा की दो फिल्मों के लिए कलाकारों का चयन शुरू हो गया है। खरसावां में आयोजित इस ऑडिशन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
कला संस्कृति भवन में जुटे प्रतिभाशाली कलाकार खरसावां के कला संस्कृति भवन में ‘राहुल गागराई प्रोडक्शन हाउस’ के बैनर तले ऑडिशन का आयोजन किया गया। आगामी महीनों में शुरू होने वाली दो फिल्मों—ऐतिहासिक घटना ‘खरसावां गोलीकांड’ और सामाजिक पृष्ठभूमि वाली ‘हुडिंग माई’ (परिवार की सबसे छोटी बेटी) के लिए कलाकारों को परखा गया। इस दौरान निर्णायक मंडल में श्याम बोबोंगा, मोनिका बिरुली, और लक्ष्मण मुर्मू सहित कई अनुभवी हस्तियां मौजूद रहीं। इससे पहले जमशेदपुर और चाईबासा में भी इसी तरह के चयन सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।

70 से अधिक कलाकारों को इस फिल्म में अभिनय करने का मौका मिलेगा: गागराई ऑडिशन के मौके पर मौजूद विधायक दशरथ गागराई ने बताया कि इन दोनों फिल्मों के माध्यम से कुल 70 से अधिक कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन फिल्मों का मुख्य उद्देश्य इतिहास को जीवंत रखना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। विशेष रूप से खरसावां गोलीकांड के ऐतिहासिक महत्व को फिल्मी पर्दे के जरिए जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। फिल्म की शूटिंग अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
फिल्म से क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा बढ़ावा सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने से क्षेत्रीय फिल्म उद्योग (Regional Cinema) को नई मजबूती मिलेगी। ऐसी फिल्मों के निर्माण से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है।
विधायक दशरथ गागराई निभाएंगे अहम किरदार दिलचस्प बात यह है कि खरसावां के विधायक दशरथ गागराई स्वयं इन फिल्मों में एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। वे फिल्म में ‘ग्राम मुंडा’ का किरदार निभाते दिखेंगे। बता दें कि श्री गागराई पहले भी कई हो भाषा की फिल्मों और एलबम में अपनी अभिनय प्रतिभा दिखा चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ कला के माध्यम से सामाजिक संदेश देना उनकी एक अलग पहचान रही है।
