दिल्ली-बिहार के बीच बसों में 94 प्रतिशत सीटें फुल, मांग होने पर की जाएगी यह व्यवस्था

Bihar Holi Special Bus: होली पर बिहार लौटने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बिहार से दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के लिए विशेष त्योहारी इंटर स्टेट बस सेवा शुरू कर दी है. परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि 23 फरवरी से 25 फरवरी तक इन बसों की टिकट बुकिंग पर यात्रियों को 52 लाख 22 हजार रुपए से अधिक सीट और त्योहार सब्सिडी दी गई थी. इन तीन दिनों में करीब आठ हजार यात्रियों ने सफर किया है.
इस रूट पर सबसे ज्यादा यात्रियों ने किया सफर
पहले दिन 51 एसी सीटर और स्लीपर बसों का संचालन किया गया, जिनमें 2,300 से अधिक यात्रियों ने सफर किया और 94 प्रतिशत सीटें फुल रहीं. इस दिन 15 लाख 85 हजार रुपए की सब्सिडी दी गई. इनमें 28 बसें अप (बिहार से बाहर की ओर) चलीं, जबकि 23 बसें डाउन (अन्य राज्यों से बिहार की ओर) आईं. दिल्ली-मुजफ्फरपुर, दिल्ली-सीतामढ़ी और दिल्ली-सीवान रूटों पर यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा रही.
अलग-अलग जिलों से दिल्ली के लिए कितनी बसें चलीं?
परिवहन मंत्री के मुताबिक, पहले दिन अप दिशा में मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए सात बसें, सीतामढ़ी से दिल्ली के लिए पांच, पटना से दिल्ली के लिए पांच, सीवान से दिल्ली के लिए तीन, गया से दिल्ली के लिए दो, किशनगंज से दिल्ली के लिए दो बसें रवाना हुईं. जबकि मधुबनी से गुरुग्राम, सुपौल से दिल्ली, शिवहर से दिल्ली और अररिया से गुरुग्राम के लिए एक-एक बस भी चली.
डाउन दिशा में दिल्ली से सीतामढ़ी के लिए पांच, दिल्ली से सीवान के लिए तीन बसे आईं. दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत से मुजफ्फरपुर, किशनगंज, अररिया, मधुबनी, गया, सुपौल के रूटों पर बसों का परिचालन हुआ है. साथ ही 24 फरवरी को 2524 यात्रियों ने सफर किया, जिन्हें टिकट बुकिंग पर 18 लाख 44 हजार रुपए सीट सब्सिडी दी गई है. 25 फरवरी को 2353 यात्रियों ने सफर किया, जिन्हें 17 लाख 92 हजार रुपए से अधिक सब्सिडी दी गई.
मांग होने पर सरकार करेगी यह व्यवस्था
निगम के अनुसार, यह सेवा 23 फरवरी से शुरू हुई जो कि 23 मार्च तक चलेगी. होली-ईद के दौरान दिल्ली-हरियाणा के लिए 118 एसी बसों का परिचालन किया जाएगा. इनमें पटना से 21, मुजफ्फरपुर से 38, पूर्णिया से 12, दरभंगा से 29 और गया से 18 बसें चलेंगी. आने वाले दिनों में यात्रियों की मांग के अनुसार रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.
