Dhanbad Land Accident: धनबाद में बड़ा हादसा टला, निरसा में 50 फीट पाताल में समाई मुख्य सड़क, 30 गांवों का संपर्क कटा

मुख्य विवरण (Introduction)
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बेहद डराने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। निरसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोपालगंज-बेनागड़िया मुख्य मार्ग पर भयंकर भू-धंसान (Land Subsidence) हुई है। निरसा उत्तर क्षेत्र को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क अचानक जमींदोज हो गई। देखते ही देखते लगभग 50 फीट लंबाई और 14 फीट चौड़ाई में पूरी की पूरी पक्की सड़क पाताल में समा गई। इस भयानक हादसे के कारण क्षेत्र की लगभग पांच प्रमुख पंचायतों के करीब 30 गांवों का निरसा प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालांकि, हादसे के बाद आनन-फानन में ईसीएल (ECL) प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा टूटी हुई सड़क के बगल से एक वैकल्पिक (कच्चा) रास्ता तैयार कराया गया है, ताकि आम लोगों के आवागमन में थोड़ी सहूलियत हो सके। वहीं, इस घटना से गुस्साए स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की।
क्या है पूरा मामला
इस पूरे हादसे को लेकर मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चापापुर कोलियरी में काम कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा इस धंसान वाले स्थल से महज कुछ ही दूरी पर बहुत ही तगड़ी ‘हैवी ब्लास्टिंग’ (विस्फोट) की गई थी। गौरतलब है कि पूर्व में ईसीएल द्वारा ठीक इसी जगह के नीचे अंडरग्राउंड माइनिंग (भूमिगत खदान) चलाई गई थी। इसके बाद के दिनों में यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध खनन भी होता रहा है, जिससे नीचे की जमीन पहले से ही खोखली थी। भारी विस्फोट के कारण सड़क के नीचे का पूरा हिस्सा हिल गया। रही-सही कसर आउटसोर्सिंग कंपनी के उन भारी भरकम हाइवा और ट्रकों ने पूरी कर दी, जो दिन-रात इस कमजोर रास्ते से भारी मात्रा में कोयला और ओवी (मलबे) की डंपिंग और ट्रांसपोर्टिंग करते हैं। इसी भारी दबाव के चलते आधी रात को जोरदार धमाके के साथ सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया।
मुनाफे की होड़ में सरकारी सड़कों को भी नहीं छोड़ रहीं आउटसोर्सिंग कंपनियां
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि जिला परिषद और पीडब्ल्यूडी (PWD) की यह सड़क वर्षों पुरानी है और इस इलाके की लाइफलाइन है। लेकिन निजी आउटसोर्सिंग कंपनियां ज्यादा से ज्यादा कोयला निकालने की अंधी होड़ में इन ग्रामीण सड़कों के वजूद के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। इस पब्लिक रोड पर भारी और ओवरलोडेड वाहनों के अवैध परिचालन से आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।


