गढ़वा: पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सरस्वती नदी बचाने के अभियान को दिया पूर्ण समर्थन

अभियान को मिला बड़ा राजनीतिक समर्थन
झारखंड के गढ़वा जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी सरस्वती नदी को बचाने के लिए चल रहे जन-अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर ने इस संरक्षण मुहिम को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने नदी की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल स्रोतों और जीवनदायिनी नदियों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

नदी के अस्तित्व और संरक्षण पर चर्चा
एक विशेष मुलाकात के दौरान पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री को सरस्वती नदी के ऐतिहासिक महत्व और इसके लगातार सिकुड़ते अस्तित्व से अवगत कराया। पूर्व मंत्री को बताया गया कि प्रदूषण, अतिक्रमण और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह पावन नदी धीरे-धीरे नाले में तब्दील होने की कगार पर पहुंच गई है। मिथिलेश ठाकुर ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि नदी को उसके पुराने स्वरूप में वापस लाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे और इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाएंगे।
भविष्य की कार्ययोजना और जनभागीदारी की अपील
पूर्व मंत्री ने नदी के पुनरुद्धार के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें नदी की सफाई, सीमांकन और किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण शामिल है। उन्होंने क्षेत्र की जनता से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जब तक आम नागरिक जल संरक्षण और नदियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक किसी भी प्राकृतिक संपदा को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।
