झारखंड शराब घोटाला: पूर्व अधिकारियों से पूछताछ में मिले इनपुट के बाद ACB ने बढ़ाई जांच की रफ्तार

राज्य की आबकारी नीति और उससे जुड़ी अनियमितताओं की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने काफी तेज कर दी है। मंगलवार को पूर्व उत्पाद आयुक्त सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों से हुई सघन पूछताछ में कई नए तथ्य उभरकर सामने आए हैं। इन्हीं इनपुट के आधार पर एसीबी ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए जेएसबीसीएल के आईटी मैनेजर अमर कुमार महतो सहित चार अन्य लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है। जारी समन के मुताबिक अमर महतो को 7 अगस्त को एसीबी कार्यालय में हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस की अनदेखी करने वालों को फिर से समन
जांच एजेंसी के पिछले समन पर उपस्थित न होने वाले अधिकारियों व संबंधित कंपनियों के प्रमुखों पर भी शिकंजा कसा गया है। एसीबी ने प्लेसमेंट हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि. के जॉइंट असिस्टेंट डायरेक्टर विकास अग्रवाल, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड के डायरेक्टर मनोज तिवारी तथा अरुण गौर को दोबारा नोटिस जारी कर 10 अगस्त को पेश होने को कहा है। इसके अतिरिक्त 6 अगस्त के लिए पूर्व सीएसएमसीएल एमडी अरुणपति त्रिपाठी, व्यवसायी श्यामजी शरण और नेक्सजेन सॉल्यूशन प्रा. लि. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी पुन: समन भेजा गया था।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और IT रिकॉर्ड की होगी गहन पड़ताल
एसीबी सूत्रों के अनुसार, पूर्व आबकारी आयुक्त गजेंद्र सिंह और अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान जेएसबीसीएल के आईटी मैनेजर अमर कुमार महतो की भूमिका और उनसे जुड़ी कई तकनीकी जानकारियां सामने आई थीं। इसी आधार पर उन्हें समन जारी किया गया है।
अब एसीबी अमर महतो से मदिरा आपूर्ति की डिजिटल निगरानी, ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म, सिस्टम लॉग्स तथा आपूर्ति व्यवस्था के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से सवाल-जवाब करेगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन आईटी रिकॉर्ड्स और तकनीकी तथ्यों के विश्लेषण से घोटाले की परतें खोलने में अहम कामयाबी मिलेगी।
