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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

Chandil : पेसा नियमावली में अधिकारों की कटौती अस्वीकार्य, अनुसूचित क्षेत्रों में अवैध बालू खनन व जनसांख्यिकी परिवर्तन पर माझी बाबाओं की कड़ी आपत्ति…

            बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)

सरायकेला : चौका थानांतर्गत चौका पंचायत समीप फुलो झानो मोड़ पर गुरुवार को पारंपरिक माझी बाबाओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता धनेश्वर मुर्मू ने की। इसमें झारखंड सरकार द्वारा पारित पेसा अधिनियम नियमावली तथा अनुसूचित क्षेत्रों में हो रहे संवैधानिक उल्लंघनों पर गंभीर चर्चा की गई।

बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि मूल पेसा कानून के अंतर्गत आदिवासियों और ग्राम सभाओं को प्राप्त अधिकारों में किसी भी प्रकार की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि नियमावली में पेसा कानून के सभी प्रावधानों को अक्षरशः शामिल किया जाए। अध्यक्ष धनेश्वर मुर्मू ने कहा कि पेसा कानून आदिवासी स्वशासन की रीढ़ है और इससे छेड़छाड़ संविधान के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।

बालू के वर्गीकरण पर आपत्ति…

संगठन के नेता करमु मार्डी ने राज्य सरकार द्वारा बालू को कैटेगरी-1 और कैटेगरी-2 में विभाजित किए जाने पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कैटेगरी-2 का प्रावधान केवल उन्हीं क्षेत्रों पर लागू होना चाहिए, जहां खनिज पाए जाते हैं। सामान्य बालू को श्रेणियों में बांटना पेसा कानून की मूल भावना के विपरीत है।

अवैध बालू खनन का मुद्दा प्रमुख…
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बैठक में कुकड़ु प्रखंड के तिरुलडीह व सापादा तथा ईचागढ़ प्रखंड के सोड़ो व बामनडीह क्षेत्रों में चल रहे अवैध बालू खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने बताया कि झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के 26 जुलाई 2004 के गजट (धारा 12) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में बालू घाटों की नीलामी और बंदोबस्ती पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद बड़े बालू व्यापारियों द्वारा खुलेआम खनन किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि बड़े कारोबारियों को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, जबकि छोटे ट्रैक्टर मालिकों को सीसीटीवी और अन्य नियमों के नाम पर परेशान किया जा रहा है।

जनसांख्यिकी परिवर्तन की साजिश का आरोप…


माझी बाबाओं ने चांडिल क्षेत्र के पुड़िंसिली, तमिलिया और डोबो में बन रही बहुमंजिला इमारतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 (5) और (6) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना बाहरी लोगों द्वारा निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। प्रशासन की मिलीभगत से बड़े निर्माण कराकर क्षेत्र की जनसांख्यिकी बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जो पांचवीं अनुसूची का सीधा उल्लंघन है।

बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित….

   
इस बैठक में माझी बाबा संजीव टुडू, महेंद्र टुडू, दुलाल सिंह मुंडा, बिष्णु सोरेन, टुम्पा हांसदा, संजित टुडू, मकर बास्के, रहिना टुडू, नगेन टुडू, भानु हांसदा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

बैठक के अंत में सभी ने एक स्वर में पेसा कानून के पूर्ण क्रियान्वयन, अवैध खनन पर रोक और अनुसूचित क्षेत्रों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।


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