धनबाद की बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, पिलर काटकर माइनिंग

धनबाद: बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
धनबाद जिले के बरोरा थाना क्षेत्र में स्थित बरोरा बस्ती के निवासी अवैध कोयला खनन के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रिहायशी इलाके के ठीक नीचे कोयला खदानों में पिलर काटकर माइनिंग की जा रही है। इस अवैध गतिविधि के कारण पूरी बस्ती पर जमीन धंसने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिससे सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा दांव पर लगी है।

टांडा जैसी बड़ी त्रासदी की आशंका
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने टांडा बस्ती में हुई पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर पिलर काटने का काम तुरंत नहीं रोका गया, तो यहाँ भी टांडा जैसा बड़ा हादसा हो सकता है। जमीन के अंदर हो रही इस खुदाई से ऊपरी सतह काफी कमजोर हो गई है, जिससे कभी भी भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।
बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पहले भी प्रबंधन को सुरक्षा संबंधी खतरों से अवगत कराया था और अवैध मुहानों को ओवरबर्डन (OB) डालकर स्थायी रूप से बंद करने की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने एक महीने में कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अवैध मुहानों को बंद करने के लिए काम रोका
प्रबंधन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने कोलियरी का काम पूरी तरह ठप करा दिया। उनकी मांग है कि जब तक सभी अवैध मुहानों को सुरक्षित तरीके से भरा नहीं जाता और बस्ती की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद थमा आंदोलन
ग्रामीणों के कड़े विरोध और काम बंद होने की सूचना पाकर बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोलियरी मैनेजर ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की शिकायतों को सही पाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से अवैध मुहानों को भरने और सुरक्षा उपाय पुख्ता करने के आदेश दिए।
प्रशासनिक आश्वासन पर आंदोलन समाप्त
अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई का लिखित और मौखिक आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन अपने वादे से मुकरता है या फिर से अवैध खनन शुरू होता है, तो वे और भी उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन ग्रामीण सुरक्षा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।
सुरक्षा के लिए ग्रामीणों की भावुक अपील
बस्ती के निवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि बरोरा बस्ती को किसी भी संभावित आपदा से बचाया जाए। उनका कहना है कि मुनाफे के लिए लोगों की जान जोखिम में डालना गलत है और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना की गुंजाइश न रहे।

